अंबिकापुर # सीजी। भ्रष्टाचार के एक मामले में एसीबी विशेष न्यायालय अंबिकापुर ने जल संसाधन विभाग के लिपिक व्ही.के. सिन्हा को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी को सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित भुगतान और पेंशन संबंधी कार्य कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

मामले के अनुसार विशुनपुरखुर्द राघवपुरी, थाना गांधीनगर निवासी लोचन सिंह ने 16 जुलाई 2020 को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसके पिता लरघुराम जल संसाधन विभाग अंबिकापुर में चौकीदार पद से 30 नवंबर 2015 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें केवल बचत निधि की राशि का भुगतान हुआ था, जबकि ग्रेच्युटी और पेंशन संबंधी प्रकरण लंबित था। लोचन सिंह ने आरोप लगाया था कि विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 व्ही.के. सिन्हा ने लंबित कार्य कराने के लिए पहले भी 3 हजार रुपये लिए थे, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं हुआ। बाद में आरोपी ने शेष कार्य जल्द कराने के नाम पर 8 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की।

शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान रिश्वत की राशि 7 हजार रुपये में तय हुई। इसके बाद 13 अगस्त 2020 को एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए व्ही.के. सिन्हा को लोचन सिंह से 7 हजार रुपये रिश्वत लेते समय कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद 22 जून 2021 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय अंबिकापुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और तीन वर्ष कारावास के साथ 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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