Raipur| भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए मौसम विभाग ने बेहद राहत भरी खबर दी है। इस साल राज्य में मानसून अपनी तय तारीख से पहले दस्तक दे सकता है। अंडमान-निकोबार और केरल के तटीय इलाकों में मानसूनी हवाओं की तेजी से एंट्री के बाद अब यह मध्य भारत की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जून के पहले हफ्ते में ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू होने की पूरी संभावना है।
कब और कहां होगी मानसून की पहली एंट्री?
- बस्तर में सबसे पहले दस्तक: छत्तीसगढ़ में मानसून का पारंपरिक प्रवेश द्वार बस्तर संभाग को माना जाता है। इस बार बस्तर और सुकमा के रास्ते मानसून 5 से 7 जून के बीच छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर सकता है (आम तौर पर यह 10 से 15 जून के बीच आता है)।
- रायपुर-बिलासपुर का शेड्यूल: बस्तर में एंट्री के अगले 3 से 4 दिनों के भीतर, यानी 10 जून तक मानसून राजधानी रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों को पूरी तरह कवर कर लेगा।
- सरगुजा में आगमन: जून के दूसरे हफ्ते (12 से 14 जून) तक उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, अंबिकापुर और जशपुर जिलों में भी मानसूनी बादल छा जाएंगे।
प्री-मानसून एक्टिविटी: अगले 48 घंटे में यहां बदलेगा मौसम
मुख्य मानसून के आने से पहले ही राज्य के मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव दिखने लगा है। चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिसके चलते अगले दो दिनों में इन इलाकों में अंधड़ चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है:
- दक्षिण छत्तीसगढ़: बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कोंडागांव।
- मध्य और मैदानी इलाके: धमतरी, गरियाबंद, बालोद और महासमुंद के कुछ हिस्से।
किसानों के लिए मौसम वैज्ञानिकों की बड़ी सलाह
समय से पहले मानसून की आहट को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं (किसानों) को अपनी तैयारियां तेज करने को कहा है। खरीफ फसलों (विशेषकर धान) की बोनी के लिए खेतों की साफ-सफाई, मेड़बंदी और उन्नत बीजों का इंतजाम समय से पहले पूरा करने की सलाह दी गई है, ताकि पहली अच्छी बारिश होते ही रोपाई का काम शुरू किया जा सके।

