बस्तर क्षेत्र अब लगभग नक्सल-मुक्त
नई दिल्ली/बस्तर:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अब लगभग नक्सल-मुक्त हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च, 2026 की समयसीमा तक भारत से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा|
बयान की मुख्य बातें:
- विकास की राह: शाह ने कहा कि बस्तर में अब ‘लाल आतंक’ की परछाई हट चुकी है और क्षेत्र में तेजी से स्कूल, राशन दुकानें और स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं।
- सुरक्षा बलों की सराहना: उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनके कड़े ऑपरेशंस और इंटेलिजेंस नेटवर्क के कारण नक्सलियों का दायरा अब कुछ ही जिलों तक सिमट गया है।
- आत्मसमर्पण की अपील: गृह मंत्री ने गुमराह युवाओं से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, साथ ही स्पष्ट किया कि हथियार उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- विपक्ष पर प्रहार: उन्होंने पिछली सरकारों पर बस्तर के विकास को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास न होने का कारण नक्सलवाद था, न कि नक्सलवाद का कारण पिछड़ापन।
अमित शाह ने दोहराया कि 2026 तक “रेड कॉरिडोर” (Red Corridor) का सपना देखने वालों को पूरी तरह परास्त कर दिया जाएगा और बस्तर देश के सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्रों में से एक बनेगा।
