नई दिल्ली/रायपुर: 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली
अक्षय तृतीया इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल लेकर आ रही है। निवेशकों और आम खरीदारों की नजरें सोने की कीमतों और ‘अक्षय’ फल देने वाले शुभ मुहूर्त पर टिकी हैं।
सोना: रिकॉर्ड ऊंचाई या गिरावट?
आने वाले 19 अप्रैल 2026 तक सोने की कीमतों में तेजी (Bullish trend) के संकेत मिल रहे हैं।
- भाव की भविष्यवाणी: विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के कारण अप्रैल 2026 तक 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,55,000 से ₹1,70,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकता है।
- घटने-बढ़ने का कारण: यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो दाम ऊपरी स्तर (₹1.7 लाख) को छू सकते हैं। वहीं, किसी तकनीकी सुधार (Correction) की स्थिति में यह ₹1.53 लाख के स्तर पर सहारा ले सकता है।
- लंबी अवधि का रुझान: 2026 में सोने ने अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, जो पिछले सालों की तुलना में लगभग 20-30% की वृद्धि दिखा रहा है।
19 अप्रैल 2026: पूजा और खरीदारी के समय
इस बार अक्षय तृतीया पर खरीदारी के लिए लगभग 19 घंटे का लंबा मुहूर्त मिल रहा है।
- पूजा का सबसे शुभ समय: सुबह 10:49 AM से दोपहर 12:20 PM तक। इस डेढ़ घंटे की अवधि में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना अक्षय फल देगी।
- सोना खरीदने का मुहूर्त: 19 अप्रैल को सुबह 10:49 AM से शुरू होकर अगले दिन 20 अप्रैल की सुबह 05:51 AM तक आप कभी भी खरीदारी कर सकते हैं।
- विशेष चौघड़िया: लाभ और अमृत के चौघड़िया में निवेश करना सबसे उत्तम माना जाता है।
सोना नहीं खरीद सकते? तो ये विकल्प हैं ‘अक्षय’
जरूरी नहीं कि केवल सोना ही खरीदा जाए। शास्त्र सम्मत अन्य वस्तुएं भी उतनी ही शुभ मानी जाती हैं:
- जौ (Barley): इसे ‘स्वर्ण’ के समान माना जाता है। अक्षय तृतीया पर जौ खरीदना और दान करना अत्यंत पुण्यकारी है।
- मिट्टी का घड़ा (कलश): जल से भरा मिट्टी का पात्र घर लाना पितरों और देवताओं के आशीर्वाद का प्रतीक है।
- धातु के बर्तन: पीतल या तांबे के बर्तन खरीदना भी समृद्धि लाता है।
- कौड़ियां और गोमती चक्र: इन्हें मां लक्ष्मी का प्रतीक मानकर तिजोरी में रखने के लिए खरीदा जा सकता है।
- डिजिटल गोल्ड: यदि बजट कम है, तो आप मात्र ₹1 से भी डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF में निवेश शुरू कर सकते हैं
