“तुलसी दास जी की हिम्मत नहीं पड़ी। अकबर के समय में लिखने की। हम नकली हिन्दुओं के लिए लिख दी| भर-भर के गालियां लिख दी गई। उसी को हम लोग पढ़ते रहते हैं।” -sp neta इंद्रजीत सरोज
न्यूज डेस्क। उत्तर-प्रदेश की समाजवादी पार्टी के महासचिव इंद्रजीत सरोज की बयानबाजी ने एक नया विवाद खड़़ा कर दिया है। अपने इस विवादित बयान में उन्होंने हिन्दुओं को नकली बताया है और तुलसी दास पर भी विवादित बयान दिया है।
उन्होंने कहा, ‘जो आज हमें नकली हिन्दू बनाकर हमारे वोट का सौदा करते हैं और राजपाट लेकर हेलीकाॅप्टर से चलते हैं, अगर भारत के मंदिरों में ताकत होती तो मोहम्मद बिन कासिम न आया होता, अगर भारत के मंदिरों में ताकत होती तो मोहम्मद गजनवी न आया होता। अगर भारत के मंदिरों में ताकत होती तो मोहम्मद गौरी न आया होता और इस देश को लूटने का काम न किया होता। इसका मतलब मंदिरों में ताकत नहीं थी। अगर ताकत है तो सत्ता के मंदिर में ताकत है कि बाबा आज अपना मंदिर छोड़कर सत्ता के मंदिर पर विराजमान हैं। हेलिकाॅप्टर पर चलने का काम करते हैं।’
भर-भर के गालियां लिख दी
नेता ने कहा कि कहते हैं अधम जाति में नीच जाति में जो शि़क्षा प्राप्त कर लेता है। वो ठीक उसी तरह हो जाता है जैसे सांप दूध पीने के बाद। अत्यधिक जहरीला हो जाता हैै। उसी तरह शूद्र शिक्षा पाने के बाद जहरीला हो जाता है। हमारा सवाल है कि हम नकली हिन्दुओं के लिए तो तुलसी दास जी ने इतना कुछ लिख दिया लेकिन इन मुसलमानों के लिए कोई भला बुरा नहीं लिखा। तुलसी दास जी की हिम्मत नहीं पड़ी। अकबर के समय में लिखने की।हम नकली हिन्दुओं के लिख दी। भर-भर के गालियां लिख दी गई। उसी को हम लोग पढ़ते रहते हैं।’
इतिहास की बातों को इतिहास में रहने दिया जाए
इस विवाद को लकर समाजवादी पार्टी के नेता भी यह कह बैठे हैं कि अभी तक मैने सपा नेता का बयान नहीं सुना है। इतिहास की बातों को इतिहास में रहने दिया जाए। कई बार इतिहास में कैसी-कैसी बाते हैं। लोग जानना चाहते हैं कि इतिहास क्या है! इतिहास अगर हमें सकारात्मक रास्ता न दिखा सके उसे इतिहास रहने दें। मीरा ने जो भजन गाया उसे नुसरत फतेह अली ने भी गाया है। किस किस को पकड़ोगे। इतिहास को छोड़कर और भी मुद्दे पड़े हैं।
