अमरावती। तिरुमला तिरुपति मंदिर की व्यापक समीक्षा हेतु सीएम चंद्रबाबू ने सचिवालय में बैठक की। इस मौके पर टीटीडी अधिकारियों ने भक्तों को दी जा रही सुविधाओं में सुधार के लिए पिछले 9 महीनों में उठाए गए कदमों के बारे में सीएम चंद्रबाबू को जानकारी दी।
सीएम ने भक्तों की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर भविष्य में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में भक्तों से विभिन्न सेवाओं के साथ-साथ दर्शनों व आवास पर एकत्रित विचार विमर्श किया गया। अधिकारियों ने ब्रह्मोत्सवालु, रथसप्तमी, वैकुंठ एकादशी जैसे विशेष समय के साथ की गई कार्रवाई के परिणाम की जानकारी दी है। लड्डू प्रसादम और अन्न प्रसादम में 9 महीने में लाए गए बदलाव के बारे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया।
समीक्षा में सुविधाओं में सुधार, अधिक श्रद्धालुओं की व्यवस्था, अलीपीरी में श्रद्धालुओं के लिए बेस कैंप का निर्माण, श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर विकास योजना, अमरावती में श्री वारी मंदिर के विकास कार्यों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।तिरुमला की प्रतिष्ठा बढ़ाने, तिरुमला क्षेत्र को भक्तों के करीब लाने, आसान और सुविधाजनक सेवाओं के लिए सीएम ने कई सुझाव दिए।
बनाएं 50 वर्षों का मैप
इस मौके पर सीएम ने कहा कि तिरुमला मंदिर की सेवाएं अच्छी होंगी तो सरकार का नाम अच्छा होगा। पिछली सरकार के बाद से कई बदलाव हुए हैं, लेकिन यह परिवर्तन 100 प्रतिशत होना चाहिए। तभी हम भक्तों और लोगों की उम्मीदों में खरा उतर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती भीड़ के मद्देनजर टीटीडी को अगले 50 वर्षों की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया जाना चाहिए।
टीटीडी में एक रुपए का भी दुरुप्रयोग न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के विकास कार्यों के नाम पर वही काम करें जो जरुरी हो। मंदिर के धन को अपनी मर्जी से खर्च न करें। हम मंदिर के धर्म कर्ता है, हमारा काम केवल मंदिर के हितों का कार्य करना है। भगवान श्री को भक्तों द्वारा दिये गये उपहारों का धन किसी को भी खर्च करने का अधिकार नहीं है। सात पहाड़ियों के धन के एक रूपए का भी दुरुपयोग न हो। टीटीडी कई कार्यक्रमों के लिए खर्च कर रही है। सैकड़ों करोड़ के फंड को इंटरनल ऑडिटिंग के साथ कैग द्वारा ऑडिट किया जाना बेहतर है। भक्तों द्वारा दिए गए वितरण और दान का एक-एक रुपया सही से खर्च हो।
नवाचार हेतु शुद्धिकरण 100 प्रतिशत आवश्यक
सीएम ने कहा कि मैंने चुनाव से पहले ही कहा था कि मैं टीटीडी में कट्टरपंथी से सफाई करूँगा। सत्ता में आने के बाद कई बदलाव हुए हैं, लेकिन ये बदलाव 100 प्रतिशत होने चाहिए। अनुभव के नाम पर पुराने का चलन बंद होना चाहिए। नवाचार हेतु शुद्धिकरण 100 प्रतिशत आवश्यक है और इसमें कोई अपवाद नहीं है।
समीक्षा के मौके पर टीटीडी बोर्ड द्वारा लिए गए कई फैसले अधिकारियों ने सीएम के ध्यान में लाए। मुख्य मंत्री को बताया गया कि अलीपीरी में भक्तों के लिए बेस कैंप का निर्माण हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बेस कैंप 25,000 लोगों के लिए आरामदायक बनाने के लिए बनाया जा रहा है। इसी तरह 60 संबद्ध मंदिरों के विकास का मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में राज्य के बाहर निर्माणाधीन श्रीवारी मंदिरों की प्रगति का भी विकास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीवारी सेवाओं मामले में 90 प्रतिशत नए लोगों को शामिल किया गया हैं। अधिकारियों ने बताया कि तिरुचनुरु श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर में प्रतिदिन 25 हजार तक श्रद्धालु पहुंचते हैं। सीएम ने सुझाव दिया कि इसके लिए और विकास किया जाए। सीएम ने कहा बर्ड हॉस्पिटल में निदेशक, जेवीओ, सीवीएसओ, एसवीबीसी अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
अधिकारियों ने आगामी दिनों में टीटीडी से व्हाट्सएप्प के जरिए 15 तरह की सेवाएं दिए जाने की जानकारी दी। इस पर सीएम ने व्हाट्सएप्प सेवा तुरंत शुरू करने का सुझाव दिया।
80 प्रतिशत हो हरियाली
सीएम ने अधिकारियों से स्वच्छता प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। तिरुमला में कैटेगराइज किए गए कचरे को हटाने के लिए विशेष निर्देश दिए। टीटीडी रेंज 2,675 हेक्टेयर में फैली हुई है। वर्तमान में इसमें 68.14 प्रतिशत हरियाली है। मुख्यमंत्री ने हरियाली रेंज को 80 प्रतिशत तक ले जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने करीमनगर, कोदंगल, नवी मुंबई, बांद्रा, उलुंदुरपेटा, कोयंबटूर में किए गए श्रीवारी मंदिरों के निर्माण-विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। इस समीक्षा में, देवा दया मंत्री अनाम राम नारायण रेड्डी, टीटीडी अध्यक्ष बीआर नायडू, ईवीओ श्यामाला राव, अतिरिक्त ईवीओ वेंकय्या चैधरी, मुख्य सतर्कता अधिकारी, तिरुपति जिला एसपी हर्षवर्धन राजू, टीटीडी अधिकारियों ने भाग लिया।
