दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 29 अगस्त 2018 द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधान के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु शासन के समस्त विभागों, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बिलासपुर, समस्त संभागीय आयुक्त, समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त जिलाध्यक्ष, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) को निर्देशित किया गया है।    

भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 को 19 अप्रैल 2017 से लागू किया गया है। राज्य शासन द्वारा निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 34 की उपधारा (1) में आरक्षण संबंधी प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में राज्य में प्रत्येक सरकारी स्थापन में सीधी भर्ती के प्रक्रम में भरे जाने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की लोक सेवाओं एवं पदों मं निःशक्तजनों के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है।      

इसमें अंध और निम्न दृष्टि 2 प्रतिशत, बधिर और श्रवणशक्ति में 2 प्रतिशत, चलन दिव्यांगता जिसके अंतर्गत प्रमस्तिष्क घात, रोगमुक्त कुष्ठ बौनापन, अम्ल आकमण पीड़ित और पेशीय दुष्योषण भी हैं, 2 प्रतिशत, स्वपरायणता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता और बहु निःशक्तता जिसके अंतर्गत प्रत्येक निःशक्तता के लिए पहचान किए गए पदों पर बधिर और अंधता भी 1 प्रतिशत है। सामान्य प्रशासन विभाग के संदर्भित परिपत्र 17 नवम्बर 2014 अनुसार निःशक्तजनों के लिए पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण यथावत रहेगा। विभागों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।

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