चेन्नई न्यूज़ डेस्क| हिन्दी का विरोध करते-करते अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन एक नए विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं । उन्होंने राज्य के बजट से रुपये के लोगो को ही हटा दिया है । इससे पहले स्टालिन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहे थे ।परिसीमन को लेकर भी केंद्र सरकार से उनकी तनातनी चल रही थी कि अब उनके इस नए फ़ैसले से लोगों में वह चर्चा का विषय बन गए है। इस बारे में उन्होंने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया है ।

तमिलनाडु सरकार ने रुपये के प्रतीक को तमिल अक्षर ‘Ru’ से बदल दिया है। इसके तहत 2025-26 के बजट में ‘₹’ के सिंबल को ‘ரூ’ सिंबल से रिप्लेस कर दिया गया है। यह तमिल लिपी का अक्षर ‘रु’ है।.रुपये का चिन्ह ₹ आधिकारिक तौर पर 15 जुलाई, 2010 को अपनाया गया था| तमिलनाडु द्वारा NEP 2020 के प्रमुख पहलुओं, विशेष रूप से त्रि-भाषा फार्मूले को लागू करने से इनकार कर दिया गया था|
राज्य सरकार का तर्क है कि एनईपी के माध्यम से केंद्र सरकार तमिल भाषी आबादी को हिंदी सीखने पर मजबूर करना चाहती है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि NEP एक भगवा नीति है, जिसका मकसद हिंदी को बढ़ावा देना है।
स्टालिन ने कहा, ‘हम एनईपी 2020 का विरोध करते हैं, क्योंकि यह शिक्षा क्षेत्र में तमिलनाडु की प्रगति को पूरी तरह से नष्ट कर देगी। NEP आरक्षण को स्वीकार नहीं करती, जो सामाजिक न्याय है| DMK प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार व्यावसायिक शिक्षा के नाम पर जाति आधारित शिक्षा लागू करने का प्रयास कर रही है।’

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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