नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश विरोधी ताकतों और सीमा-पार आतंकी साजिशों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। जांच एजेंसी ने आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के एक सक्रिय ऑफशूट ‘इमाम महमूदर काफिला’ (IMK) से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए असम, पश्चिम बंगाल और केरल में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
इस सघन तलाशी अभियान के दौरान कुल 16 संदिग्ध ठिकानों पर रेड डाली गई, जिसके परिणामस्वरूप 13 सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तारकरने में सफलता मिली है।
16 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
केंद्रीय जांच एजेंसी ने खुफिया इनपुट के आधार पर एक साथ तीनों राज्यों में दस्तक दी। जारी विवरण के अनुसार:
- असम: सबसे बड़ी कार्रवाई असम में हुई, जहां 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई और 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
- पश्चिम बंगाल: राज्य के 5 ठिकानों पर छापेमारी कर 4 लोगों को दबोचा गया। इनमें पूर्व बर्धमान के मंगलकोट स्थित एक मस्जिद का इमाम पियार मोहम्मद शेख भी शामिल है। अन्य गिरफ्तारियां दक्षिण 24 परगना के बजबज और नरेंद्रपुर इलाकों से हुई हैं।
- केरल: यहां 1 संदिग्ध ठिकाने पर कार्रवाई की गई, जिसके बाद 1 आरोपी को हिरासत में लिया गया।
युवाओं के ऑनलाइन कट्टरपंथ से जुड़ा है मामला
जांच में सामने आया है कि यह प्रतिबंधित बांग्लादेशी संगठन मुख्य रूप से टेलीग्राम समूह और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों और पश्चिम बंगाल के संवेदनशील युवाओं को निशाना बना रहा था। इन युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, जेहादी साहित्य बांटने और भारत के खिलाफ हिंसक सशस्त्र गतिविधियों के लिए उकसाने का काम गुप्त बैठकों के जरिए किया जा रहा था।
भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त
तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों ने संदिग्धों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि इनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और वित्तीय लेन-देन (टेरर फंडिंग) की कड़ियों को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।
इस मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
