भिलाई # सीजी। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से संगठित रूप से लौह स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले के छठे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान घनश्याम गुप्ता के रूप में हुई है, जो सांई एसोसिएट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में पहले ही चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा, मिथेन ठाकुर, निर्मल सिंह और रवेन्द्र साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर घनश्याम गुप्ता और उसके सहयोगी बीएसपी से चोरी किए गए लोहे के स्क्रैप को फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों में लोड कर बाहर भेजते थे।
पुलिस को 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अकलोरडीह स्थित ए.के. ट्रेडर्स परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। छापेमारी के दौरान वहां फ्लू डस्ट के साथ बड़ी मात्रा में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और स्क्रैप बरामद किया गया। मौके से कई हाईवा, ट्रक, टाटा वाहन, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें भी मिलीं, जिनका उपयोग स्क्रैप लोडिंग और परिवहन में किया जा रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से बीएसपी से लोहे का स्क्रैप चोरी कर फ्लू डस्ट से भरे वाहनों में छिपाकर बाहर भेज रहे थे। पुलिस ने करीब 250 टन लोहे का स्क्रैप, जिसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये बताई गई है, जब्त किया है। वाहनों और मशीनों सहित कुल जब्ती की कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में घनश्याम गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने मुख्य आरोपी संजय सिंह के कहने पर रवेन्द्र साहू और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मैग्नेटिक क्रेन की मदद से बीएसपी का लोहा चोरी कर फ्लू डस्ट वाहनों में लोड कराया था। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामला पुरानी भिलाई थाना के अपराध क्रमांक 277/2026 में दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2), 317(4), 3(5) और 112 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।
