अहमदाबाद/मुंबई: नवरात्रि और गरबा का त्योहार आते ही बाजारों में पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ ज्वेलरी की चमक भी बढ़ गई है। इस साल गरबा नाइट्स के फैशन ट्रेंड्स में ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर ज्वेलरी (Oxidised Jewellery) में एक बेहद अनोखा और आधुनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। फैशन एक्सपर्ट्स और ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पारंपरिक भारी-भरकम गहनों की जगह इस बार लाइटवेट फ्यूजन डिजाइन्स गरबा प्रेमियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
🎨 इस सीजन के टॉप 4 ज्वेलरी ट्रेंड्स
- मीनाकारी और पेस्टल कलर्स का फ्यूजन: इस बार केवल प्लेन ब्लैक-सिल्वर ज्वेलरी का चलन कम हुआ है। अब ऑक्सीडाइज्ड बेस पर चटक मीनाकारी वर्क (Meenakari), नियन कलर्स, और कलरफुल बीड्स (मोतियों) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जा रहा है, जो चनिया-चोली के कलर्स को उभारते हैं।
- मयूर मोटिफ और घुंघरू चोकर: पारंपरिक डिजाइनों में हाथी और मोर (Peacock) की कलाकृतियां सदाबहार हैं। गले से सटे रहने वाले घुंघरू चोकर सेट और बाहुबली झुमके गरबा डांस के दौरान एक रॉयल और परफेक्ट राजस्थानी-गुजराती लुक दे रहे हैं।
- लेयर्ड और मल्टी-लेयर नेकलेस: शॉर्ट चोकर और लॉन्ग नेकलेस को एक साथ मिलाकर पहनने का ट्रेंड (Double & Triple Layered) काफी पसंद किया जा रहा है। मिरर-वर्क और कौड़ियों (Shells) से सजे ये लेयर्ड सेट गर्दन को एक भरा हुआ और एथनिक लुक देते हैं।
- लाइटवेट और पसीना-प्रतिरोधी डिज़ाइन्स: चूंकि गरबा में लोग देर रात तक लगातार डांस करते हैं, इसलिए भारी गहनों के कारण होने वाली असुविधा से बचने के लिए इस बार हल्के और टिकाऊ (Durable) गहनों पर फोकस है। ये पसीने और धूल से खराब नहीं होते और इन्हें कैरी करना बेहद आसान है।
💡 एक्सपर्ट्स की राय: डांडिया नाइट्स के बाद ऐसे रखें ख्याल
फैशन डिजाइनरों का कहना है कि डांडिया और गरबा खेलने के बाद ज्वेलरी को पसीने और नमी से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए ज्वेलरी को उतारने के बाद एक साफ, सूखे कपड़े से पोंछ लें और हमेशा एक एयरटाइट डिब्बे या प्लास्टिक पाउच में बंद करके रखें। ऐसा करने से ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी की चमक सालों-साल काली नहीं पड़ती और उसका एथनिक लुक बरकरार रहता है।
