नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों की तुलना ‘कॉकरोच’ (तिलचिट्टा) और ‘परजीवी’ से करने का मामला अब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद में बदल चुका है. इस बयान के विरोध में देश के युवाओं (GenZ) ने इंटरनेट पर एक अनोखा और ऐतिहासिक डिजिटल आंदोलन छेड़ दिया है.

प्रशांत भूषण बोले– ‘यह एक बड़ी युवा क्रांति की शुरुआत है’

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के युवाओं के भीतर पनप रहे गुस्से का प्रकटीकरण बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “CJI के कॉकरोच वाले बयान ने भारत में एक ‘मिनी GenZ क्रांति’ को जन्म दे दिया है. इसमें देश को बदलने की अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते इसे सही दिशा में ले जाया जाए. इन युवाओं को अब ‘रोजगार के अधिकार कानून’ (Right to Employment Law) की मांग को लेकर एक बड़ा देशव्यापी आंदोलन खड़ा करना चाहिए.”

इंटरनेट पर आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की बाढ़

चीफ जस्टिस के अपमानजनक शब्द को ही अपना हथियार बनाते हुए 30 वर्षीय डिजिटल क्रिएटर अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक (Satirical) राजनीतिक मोर्चा लॉन्च कर दिया. महज दो से तीन दिनों के भीतर इस ‘मीम पार्टी’ की आधिकारिक वेबसाइट cockroachjantaparty.org पर लाखों युवाओं ने सदस्यता फॉर्म भर दिया है.

CJP का अनोखा 5-पॉइंट मैनिफेस्टो (घोषणापत्र):

  • जजों पर लगाम: किसी भी रिटायर्ड जज या CJI को सेवानिवृत्ति के ठीक बाद राज्यसभा सीट या कोई सरकारी लाभ का पद नहीं दिया जाना चाहिए.
  • सख्त दलबदल कानून: चुनाव जीतने के बाद बार-बार पाला बदलने वाले नेताओं पर 20 साल का कड़ा प्रतिबंध लगे.
  • महिलाओं की हिस्सेदारी: संसद और कैबिनेट में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण अनिवार्य हो.
  • निष्पक्ष मीडिया: मुख्यधारा की गोदी मीडिया से अलग स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा मिले.
  • छात्रों को न्याय: NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक और घोटालों पर तुरंत सख्त कानूनी एक्शन हो.

दिलचस्प बात यह है कि इस आंदोलन की लोकप्रियता को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे बड़े राजनेता भी डिजिटल तौर पर इस ग्रुप से जुड़ चुके हैं.

चौतरफा घिरे चीफ जस्टिस ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर ‘MainBhiCockroach’ ट्रेंड और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए आखिरकार मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय की तरफ से इस पर आधिकारिक सफाई (Clarification) जारी की गई है. CJI सूर्यकांत ने कहा, “मेरी मौखिक टिप्पणी को मीडिया के एक हिस्से ने पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर और गलत संदर्भ (Misquote) में पेश किया है. मेरा इरादा देश के होनहार युवाओं का अपमान करना कभी नहीं था. मैं तो उन जालसाजों की आलोचना कर रहा था जो फर्जी और नकली डिग्रियां (Fake Degrees) लेकर वकालत, आरटीआई और मीडिया जैसे सम्मानित पेशों में घुस आते हैं और पूरी प्रणाली को दूषित करते हैं. मुझे देश के युवाओं पर पूरा गर्व है.”

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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