भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सुवेंदु अधिकारी के सहायक की हत्या के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। उनके बयानों का सार इस प्रकार है:
प्रशासन पर सवाल: सिंह ने स्थानीय पुलिस पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दिया जा सकता था।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (मई 2026) के बाद भड़की हिंसा में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है:
सीधा आरोप: अर्जुन सिंह ने दावा किया कि यह हत्या कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि अभिषेक बनर्जी द्वारा रची गई एक गहरी राजनीतिक साजिश है।
दहशत का माहौल: उन्होंने आरोप लगाया कि TMC चुनाव के बाद इस तरह की हत्याओं के जरिए राज्य में डर पैदा करना चाहती है ताकि विपक्ष की आवाज को दबाया जा सके।
कड़ी कार्रवाई की मांग: उन्होंने हमलावरों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के साथ “योगी मॉडल” (एनकाउंटर) जैसा व्यवहार होना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप
- भाजपा का पक्ष: भाजपा नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सुनियोजित हिंसा बताया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पक्ष: टीएमसी नेतृत्व ने इन आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
- प्रशासनिक कार्रवाई: स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सुरक्षा में चूक के आरोप लगा रहे हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
