कोलकाता/हावड़ा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य के प्रमुख शहर हिंसा की चपेट में हैं। कोलकाता से लेकर सिलीगुड़ी तक, राजनीतिक दलों के कार्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रमुख घटनाक्रम:
- कोलकाता और हावड़ा में झड़पें: राजधानी कोलकाता और पड़ोसी जिले हावड़ा में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण है। यहाँ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हुईं। कई इलाकों में पार्टी कार्यालयों के शीशे तोड़े गए और फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया गया।
- आसनसोल और सिलीगुड़ी में तनाव: औद्योगिक क्षेत्र आसनसोल और उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में भी हिंसा की खबरें हैं। यहाँ भीड़ ने दफ्तरों में घुसकर मारपीट की, जिसमें दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
- आगजनी की घटनाएं: सिलीगुड़ी में एक पार्टी कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों को फूंक दिया गया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
प्रशासन की कार्रवाई:
बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। पुलिस ने अब तक सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
चुनाव आयोग का सख्त रुख:
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है और शांति बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
नेताओं की अपील:
जहाँ एक तरफ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि शपथ ग्रहण समारोह से पहले स्थिति सामान्य हो सके।
