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ग्वालियर| मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा (पिछोर क्षेत्र) में एचपीवी (HPV) टीकाकरण के बाद हड़कंप मच गया है। यहाँ एक सरकारी अभियान के दौरान पांच किशोरियों की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है।

घटना का मुख्य विवरण (10-11 मार्च 2026):

  • स्थान: बारकरी जिगनिया गांव, पिछोर इलाका, डबरा।
  • पीड़ित: अंजलि, पूनम, रजनी, भारती और रेखा (उम्र 14-15 वर्ष)।
  • क्या हुआ: मंगलवार (10 मार्च) को इन बच्चियों को अचानक उल्टी, चक्कर और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें डबरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • वर्तमान स्थिति: डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद अब सभी बच्चियां खतरे से बाहर और स्वस्थ बताई जा रही हैं।

परिजनों के गंभीर आरोप:

  • बिना जानकारी के टीका: परिजनों का दावा है कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें टीकाकरण के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी।
  • लालच का आरोप: एक बच्ची की मां के अनुसार, कार्यकर्ता ने झूठ बोलकर बच्चों को साथ भेजा कि उन्हें फॉर्म भरने पर शादी के लिए 50,000 रुपये मिलेंगे।
  • टारगेट का दबाव: परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपना सरकारी टारगेट पूरा करने की होड़ में बिना अनुमति के बच्चियों को टीका लगा दिया।


मध्य प्रदेश में वर्तमान में 14-15 साल की लगभग 8 लाख किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीन लगाने का प्रदेशव्यापी अभियान चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन इसे खाली पेट नहीं लगवाना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।

डबरा में एचपीवी (HPV) टीकाकरण के बाद बच्चियों की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी प्रारंभिक जांच और सफाई पेश की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की जरूरत नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया:

  • टीके की सुरक्षा: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों (जैसे CBMO डॉ. जलालुद्दीन) ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एक प्रमाणित और सुरक्षित सुरक्षा कवच है।
  • साइड इफेक्ट्स पर स्पष्टीकरण: विभाग के अनुसार, टीके के बाद मामूली चक्कर, घबराहट या उल्टी जैसे लक्षण सामन्य (Minor AEFI) हो सकते हैं, जो अक्सर डर या खाली पेट टीका लगवाने के कारण होते हैं।
  • जांच के आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि क्या टीकाकरण के दौरान तय प्रोटोकॉल (जैसे Consent Form भरवाना) का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।
  • परामर्श: डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चियों को टीका लगवाने से पहले हल्का भोजन जरूर करना चाहिए और टीकाकरण के बाद कम से कम 15-20 मिनट तक अस्पताल में ही आराम करना चाहिए। 

प्रशासनिक कदम:
विभाग अब उन आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कर्मियों की भी काउंसलिंग कर रहा है जिन पर परिजनों ने गलत जानकारी (शादी के लिए पैसे मिलने का लालच) देने के आरोप लगाए हैं, ताकि भविष्य में अफवाहों को रोका जा सके।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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